
अछल्दा, औरैया। कोरोना काल में बंद हुई कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों का अछल्दा रेलवे स्टेशन पर ठहराव बहाल करने की मांग जोर पकड़ रही है। क्षेत्रीय यात्रियों की भारी परेशानी को देखते हुए रेलवे बोर्ड की सलाहकार समिति के सदस्य जितेंद्र सिंह सेंगर ने बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ अछल्दा स्टेशन पहुंचकर स्टेशन मास्टर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि अछल्दा स्टेशन पर महानंदा एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 15483/15484), सूबेदारगंज-देहरादून एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 14113/14114), गोमती एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12419/12420) और उंचाहार एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 14217/14218) सहित कई ट्रेनों का अप-डाउन ठहराव होना चाहिए। 2020 के कोरोना संकट में कई एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए, लेकिन अब तक बहाल नहीं किए गए।

इससे अछल्दा और आसपास के कन्नौज, फर्रुखाबाद, कानपुर, दिल्ली-कोलकाता रूट के हजारों यात्री प्रभावित हो रहे हैं। रोजाना हजारों की संख्या में लोग इस स्टेशन से यात्रा करते हैं। आसपास के गांवों-कस्बों और पूरे क्षेत्र के लोग मुख्य रूप से अछल्दा पर निर्भर हैं। ठहराव बंद होने से यात्रियों को इटावा या फिरोजाबाद जैसे दूर के स्टेशनों तक जाना पड़ रहा है, जिससे समय, पैसा और मेहनत तीनों बर्बाद हो रहे हैं।
खासकर छात्र, मरीज, व्यापारी, नौकरीपेशा और ग्रामीण लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। कोरोना के बाद रेलवे ने कई ट्रेनें फिर से शुरू कीं, लेकिन अछल्दा पर इन महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव बहाल नहीं होने से क्षेत्र में रोष व्याप्त है। लोग रेलवे सुविधाओं से वंचित महसूस कर रहे हैं।
जितेंद्र सिंह सेंगर ने उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को संबोधित ज्ञापन में विनम्र अनुरोध किया है कि यात्री सुविधा और क्षेत्रीय जरूरतों को देखते हुए इन ट्रेनों का ठहराव शीघ्र बहाल किया जाए। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे, जिससे मांग की गंभीरता साफ झलक रही है।
