
जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर) इटावा। नगर में स्थित प्राचीन दरगाह हजरत भोलन शाह पर आयोजित तीन दिवसीय उर्स का भव्य समापन मंगलवार सुबह रस्म-ए-चादरपोशी के साथ हुआ। उर्स के दौरान सूफियाना माहौल में कब्बालियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से समां बांध दिया, वहीं बड़ी संख्या में पहुंचे अकीदतमंदों ने मजार पर चादर चढ़ाकर दुआएं मांगीं।
उर्स का शुभारंभ रविवार रात जश्न-ए-मीलाद शरीफ के आयोजन से हुआ। इस मौके पर मौलाना कमालुद्दीन अशरफी, पेश इमाम ईदगाह इटावा ने कुरआन की तिलावत से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद सोमवार रात और मंगलवार तड़के तक कब्बाली की महफिलें सजीं, जिनमें आसपास के जिलों से आई नामी-गिरामी कब्बाली पार्टियों ने सूफी कलाम पेश कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
रातभर चले उर्स में भारी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए, जिनमें बुर्कानशीन महिलाएं भी मौजूद रहीं। सभी ने दरगाह पर मत्था टेककर मुल्क में अमन, चैन और भाईचारे की दुआ की। मंगलवार सुबह हजरत भोलन शाह की मजार पर गुस्ल शरीफ की रस्म अदा की गई, जिसके बाद कब्बालों द्वारा रंग पढ़ा गया। इसके उपरांत अकीदतमंदों ने चादरपोशी की। उर्स के आयोजन में कमेटी के सदस्यों के साथ मौलाना और हाफिज भी मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।

