मानव धर्म यह सिखाता है कि इंसान का सबसे बड़ा धर्म इंसानियत है। अगर मनुष्य अपने व्यवहार में प्रेम, सहिष्णुता और परोपकार को अपनाए, तो समाज में शांति और सद्भाव स्थापित हो सकता है।

जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर), इटावा। कुछ दिन पहले सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़ी एक महिला की मदद कर विद्युत विभाग के एसडीओ आनंद पाल सिंह ने मानवता और संवेदनशीलता की अनुकरणीय मिसाल पेश की थी। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना विलंब किए घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचवाया। उनका यह कार्य न केवल एक जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी होने का परिचायक है, बल्कि वर्तमान स्वार्थी दौर में मानवीय मूल्यों को जीवंत करने वाला भी है।
इसी मानवीय कार्य के लिए एसडीओ आनंद पाल सिंह को सम्मानित किया गया। सम्मान कार्यक्रम के दौरान शिक्षाविद डॉ. धर्मेन्द्र कुमार ने कहा कि समाज में ऐसे व्यक्तियों को सम्मान देना आवश्यक है, जो अपने कर्तव्य से बढ़कर मानवता को प्राथमिकता देते हैं। इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और अन्य लोग भी जरूरतमंदों की सहायता के लिए प्रेरित होते हैं। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि हम स्वार्थी जीवन से ऊपर उठकर मानवीय सरोकारों के लिए आगे आएं, तभी एक सशक्त, संवेदनशील और उन्नत समाज का निर्माण संभव है। इस दौरान भाजपा नेता महेश गुप्ता भी उपस्थित रहे और उन्होंने भी एसडीओ के इस मानवीय कार्य की सराहना की है।

