जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर) इटावा। क्षेत्र के ग्राम मलाजनी में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब 50 वर्षीय संतोष पाल पुत्र रामगोपाल का शव खेत के पास बकाइन के पेड़ से लटका मिला। सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई और पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।
बताया गया कि संतोष पाल सुबह घर से खेत पर जाने की बात कहकर निकले थे। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजन और ग्रामीण उन्हें तलाशते हुए खेत की ओर पहुंचे, जहां उनका शव पेड़ से फंदे पर लटका मिला। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीणों के अनुसार संतोष की पत्नी का पहले ही निधन हो चुका था और उनकी कोई संतान नहीं थी। वह अपने छोटे भाई के परिवार के साथ रह रहे थे।
सूचना पर पहुंचे उपनिरीक्षक ललित चतुर्वेदी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को नीचे उतरवाया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
उरई (संवाददाता – राहुल कुमार) जालौन। शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 12(1)(C) के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए प्रथम चरण की ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया संपन्न हो गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा आयोजित यह प्रक्रिया जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की उपस्थिति में एनआईसी कार्यालय में ऑनलाइन माध्यम से पूरी की गई।
जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार कुल 2391 आवेदन प्राप्त हुए थे जिनमें से 2161 आवेदन जांच के बाद सत्यापित पाए गए। प्रथम चरण की इस लॉटरी में 955 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है जबकि 1206 आवेदन अचयनित रहे। चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन रखा गया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी कुमुदेन्द्र कलाकर सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संजय कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी वीरेन्द्र सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी तथा बेसिक शिक्षा अधिकारी चन्द्र प्रकाश सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन ने सभी चयनित बच्चों के अभिभावकों से अपील की है कि वे चयन सूची के अनुसार आगे की प्रवेश प्रक्रिया समय से पूर्ण कर लें ताकि बच्चों की शिक्षा सुचारू रूप से शुरू हो सके।
औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। यहाँ तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला, जब एक कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, हादसा अछल्दा थाना क्षेत्र के तुरुकपुर पुल के पास हुआ। बताया जा रहा है कि कार अछल्दा की ओर से भरथना की ओर जा रही थी, तभी अचानक चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और कार सीधे नहर में जा गिरी।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुँचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद कार को नहर से बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक कार में सवार दो पुरुष और एक महिला की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। वहीं पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
फोटो : – चेयरमैन व अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपते भाकियू पदाधिकारी
जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर)। सिसहाट क्षेत्र में श्मशान स्थल निर्माण की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (धरतीपुत्र किसान) के पदाधिकारियों ने नगर पालिका परिषद जसवंतनगर में चेयरमैन सत्य नारायण शंखवार व अधिशासी अधिकारी श्याम बचन सरोज को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने चेतावनी दी कि मांग पर शीघ्र कार्रवाई न होने पर आंदोलन किया जाएगा।
मंगलवार को अध्यक्ष सनी माधव यादव के नेतृत्व में पहुंचे संगठन पदाधिकारियों ने बताया कि सिसहाट वार्ड संख्या 01 एवं वार्ड संख्या 20 में आज तक कोई अधिकृत श्मशान स्थल नहीं है। इसके चलते ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए दूर-दराज स्थानों पर जाना पड़ता है, जिससे उन्हें भारी असुविधा और आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी दयनीय हो जाती है।
ज्ञापन में डॉ. प्रतीक यादव, विजय कुमार, रवि यादव, रामपाल, अरविंद, उदय प्रताप, हिमांशु यादव, रामप्रकाश, अरुण कुमार, अजीत पाराशर, गिरीश चंद सहित अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। संगठन ने अवगत कराया कि सिसहाट में सरकारी भूमि गाटा संख्या 96 व 116, जो खतौनी में दर्ज है, श्मशान स्थल के लिए उपयुक्त है। संबंधित भूमि की खतौनी की छायाप्रति भी ज्ञापन के साथ संलग्न की गई है।
भाकियू पदाधिकारियों ने मांग की कि उक्त भूमि को श्मशान के नाम दर्ज कराते हुए शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने कहा कि यह जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है और इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी इटावा को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई है।
जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर)। क्षेत्र के गांव धनुआ में बुधवार की दोपहर एक विवाहिता ने अज्ञात कारणों से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार धनुआ निवासी पूजा देवी (33) पत्नी अवनीश कुमार शाक्य ने घर के अंदर कुंडे में दुपट्टे के सहारे मकान में दूसरी मंजिल पर बने हुए कमरे में फांसी लगा ली। काफी देर तक कमरे का दरवाजा बंद रहने पर परिजनों को शक हुआ। दरवाजा खोलने पर पूजा फंदे से लटकी मिलीं। आनन-फानन में उन्हें नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
मृतका की दो बेटियां हैं—कृतिका (8) और नैंसी (5)। उनका मायका भतोरा गांव में है। परिजनों के अनुसार पूजा कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान रहती थीं और उनका इलाज भी चल रहा था। विवाह को करीब 11 वर्ष हो चुके थे।थानाध्यक्ष कमल भाटी ने बताया कि उपनिरीक्षक शिवशंकर ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा भर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मामले की जांच की जा रही है।
112 वें परंपरागत मेले के आयोजन को लेकर बनी सहमति, तैयारी बैठक बाद में होगा
112वें ऐतिहासिक मेले का आयोन गांव की बड़ी सांस्कृतिक उपलब्धि: प्रेम कुमार शाक्य
06 मार्च को श्री शंकर की बारात से शुभारंभ होगा
जसवन्तनगर, संवाददाता : पंकज राठौर। धनुवां गांव के ऐतिहासिक एवं परंपरागत श्री रामलीला महोत्सव को लेकर मेला समिति की घोषणा बैठक तिवरिया स्थल पर आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता देवेंद्र चौधरी ने की। बैठक में मेला समिति के अध्यक्ष सर्वेश चंद्र मिश्रा, समिति पदाधिकारी, सदस्य एवं ग्राम समाज के लोग उपस्थित रहे।
घोषणा बैठक में विशेष रूप से आमंत्रित समाजसेवी प्रेम कुमार शाक्य ने कहा कि 112 वर्षों से लगातार आयोजित होता आ रहा यह ऐतिहासिक व परंपरागत मेला अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक इस मेले का निरंतर आयोजन होना गांव-समाज की आस्था, सामाजिक एकता और जनसहयोग का प्रमाण है। ग्रामवासियों, दुकानदारों एवं सहयोगी वर्गों के सामूहिक प्रयास से ही यह परंपरा आज तक सुरक्षित बनी हुई है।
इसके बाद बैठक की अध्यक्षता कर रहे देवेंद्र चौधरी ने कहा कि यह बैठक घोषणा के उद्देश्य से आयोजित की गई है। आयोजन की तैयारी बैठक शीघ्र ही अनुकूल समय पर आयोजित की जाएगी, जिसमें श्री रामलीला महोत्सव से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारियां तय कर संबंधित लोगों को दायित्व सौंपे जाएंगे, ताकि मेला व्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके।
बैठक में बताया गया कि घोषित कार्यक्रम के अनुसार 06 मार्च को श्री शंकर जी की बारात सायं 6 बजे, 07 मार्च को श्री राम वनवास सायं 4 बजे, 08 मार्च को पंचवटी निवास सायं 4 बजे, 09 मार्च को शूर्पणखा प्रसंग सायं 4 बजे, 10 मार्च को सीता हरण सायं 4 बजे, 11 मार्च को श्री राम-सुग्रीव मित्रता एवं लंका दहन सायं 4 बजे, 12 मार्च को लक्ष्मण शक्ति सायं 4 बजे, 13 मार्च को मेघनाथ व कुंभकरण वध सायं 4 बजे, 14 मार्च को रावण वध सायं 4 बजे तथा 15 मार्च को भारत मिलाप, राजगद्दी एवं गांव भ्रमण सायं 7 बजे से आयोजित किया जाएगा।
अंत में अध्यक्ष द्वारा सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए 112वें श्री रामलीला महोत्सव को सफल बनाने की अपील की गई। घोषणा बैठक में शिव प्रसाद तिवारी, सुरेंद्र प्रकाश, अनुज मिश्रा, पंकज बाबू, मदन, विमल कुमार, टीटू राठौर, गुलशन, किशन त्रिपाठी, रमेश राठौर, गोपाल दुबे, कुंवर पाल, रवि, अनुज, समीर, कन्हैयालाल, शिवम तिवारी, गगन, प्रशांत मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर) इटावा। थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर 40 लाख रुपये की अतिरिक्त दहेज मांगने, मारपीट करने और जान से मारने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने थाना पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता नूतन यादव ने बताया कि उसकी शादी 5 दिसंबर 2023 को शिवम यादव निवासी राजा का ताल, थाना रसूलपुर, जनपद फिरोजाबाद के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। आरोप है कि शादी में उसके परिजनों ने लगभग 30 लाख रुपये नगद, सोने-चांदी के आभूषण, कपड़े और घरेलू व इलेक्ट्रॉनिक सामान दिया था। शादी के दो दिन बाद ही पति, सास अनीता यादव, ननद नेहा, नीरू व नंदू यादव ने 40 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी।
विवाहिता का आरोप है कि मांग पूरी न होने पर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। कई बार मायके पक्ष के समझाने के बावजूद ससुराल पक्ष का रवैया नहीं बदला। आरोप है कि 22 जुलाई 2025 को उसे बेरहमी से पीटा गया और जेवर व नगदी छीन ली गई। 3 अगस्त 2025 को भाई के आने पर उसे पहने हुए कपड़ों में ही घर से निकाल दिया गया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि 19 नवंबर 2025 को ससुराल पक्ष मायके पहुंचा और दोबारा 40 लाख रुपये की मांग दोहराई। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और दुपट्टे से फांसी लगाने का प्रयास किया गया। शोर सुनकर परिजन व आसपास के लोग पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले। पीड़िता का कहना है कि उसने पूर्व में भी थाने में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। थानाध्यक्ष कमल भाटी का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इटावा (संवाददाता : पंकज राठौर)। संत रविदास धर्मशाला, पक्का तालाब इटावा में पूर्व निर्धारित तिथि के अनुसार धर्मशाला से जुड़े हुए समाज के प्रबुद्धजनों, समाजसेवी तथा छात्रावास में रह रहे छात्रों की उपस्थिति में एक अहम बैठक हुई। जिसमे जसराम सिंह दोहरे की अध्यक्षता में संत रविदास जी को नमन करते हुए डा. संजय कुमार ने उपस्थित जनों को धर्मशाला की जीर्ण-शीर्ण स्थिति और उनके कारणों से अवगत कराया और कहा कि देखरेख के अभाव के कारण वर्तमान में धर्मशाला की इमारत जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है। इसके जीर्णोद्धार हेतु समाज के प्रत्येक व्यक्ति को तन, मन और धन से सहयोग करना होगा, उन्होंने बताया कि यह धर्मशाला इटावा और औरैया जिले के बहुजन समाज के मिशनरी लोगों की ऐतिहासिक विरासत है, जिसे बचाना हम सभी का नैतिक कर्तव्य और जिम्मेदारी है।
लज्जाराम वर्मा ने अपने संबोधन में सुझाव दिया कि रविदास धर्मशाला की नई कमेटी करके विधिवत पंजीकरण कराया जाए तथा पंजीकरण के उपरांत बैंक खाता खोला जाए, जिससे धर्मशाला की दशा और दिशा में सकारात्मक पहल निर्धारित हो सके। कार्यक्रम में एडवोकेट संदीप कुमार भारतीय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रविदास धर्मशाला की वर्तमान दयनीय स्थिति के लिए कहीं न कहीं पूर्व कमेटी भी जिम्मेदार रही है, जो समय रहते आवश्यक ध्यान नहीं दे सकी। उन्होंने घोषणा की कि धर्मशाला परिसर में शीघ्र ही सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे अतिक्रमण, अव्यवस्था और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगेगी तथा धर्मशाला की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। एडवोकेट राजेन्द्र दोहरे ने भी धर्मशाला की दुर्दशा हेतु चिंता व्यक्त की और एक समिति के गठन के लिए सुझाव दिया।
कार्यक्रम में धर्मेन्द्र कुमार सिंह, विनोद कुमार त्रिशरण,हेतराम सिंह, सचिन भारतीय,डा.अमर सिंह गौतम, अध्यापक राजेश कुमार, महेन्द्र प्रताप सिंह, डा. विप्लव चौधरी, डा. मुकेश सिंह, जगन्नाथ जी, प्रशांत गौतम, संजय दोहरे, नरेन्द्र सिंह, पुठियाॅ से चन्द्रशेखर सहित अनेक गणमान्य लोगों ने समिति के गठन और पंजीकरण हेतु सहमति व्यक्त की।
औरैया। अछल्दा क्षेत्र के ग्राम ग्वारी स्थित मानकेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर परिसर में दर्शन और पूजन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। आसपास के गांवों और दूरदराज इलाकों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और बेलपत्र अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजता रहा। विशेष अवसर को देखते हुए मंदिर समिति ने दर्शन, प्रसाद वितरण और जल व्यवस्था के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्वयंसेवक लगातार व्यवस्था संभालते नजर आए।
अछल्दा और आसपास के क्षेत्र से आए भक्तों ने बताया कि वे हर वर्ष शिवरात्रि पर यहां दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर के पुजारी के अनुसार, मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई पूजा से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। दिनभर रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और आरती का क्रम चलता रहा। शाम को विशेष महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ और पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।
जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर) इटावा। वैदपुरा थाना क्षेत्र के नगला वंशी गांव की 14 वर्षीय बालिका संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। नहर किनारे उसकी चप्पल मिलने से परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। आशंका जताई जा रही है कि बालिका ने नहर में छलांग लगा दी हो। सूचना पर प्रशासन ने एसडीआरएफ की टीम को बुलाकर सर्च ऑपरेशन शुरू करा दिया है।
जानकारी के अनुसार मोहिनी पुत्री आकाश बाबू शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। देर रात तक वापस न लौटने पर परिजनों ने आसपास के इलाकों में काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद परिजन वैदपुरा थाने पहुंचे और सूचना दी। तलाश के दौरान जब परिजन नगला वंशी की ओर नहर किनारे पहुंचे तो वहां मोहिनी की चप्पल रखी मिली। इससे अनहोनी की आशंका गहरा गई। सूचना मिलते ही सीओ सैफई केपी सिंह, थानाध्यक्ष वैदपुरा नागेंद्र सिंह और थानाध्यक्ष जसवंतनगर कमल भाटी बलरई पुलिस सहित मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एसडीआरएफ यूपी टीम को बुलाया। टीम ने नहर में गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
मोहिनी अपने दादा चतुर सिंह और दादी राजेंद्ररी देवी के साथ रहती थी। उसके दो अन्य भाई-बहन भी हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। समाचार लिखे जाने तक बालिका का कोई सुराग नहीं लग सका था। थानाध्यक्ष नागेंद्र चौधरी ने बताया कि पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।